चारो ओर यह आतंक का साया ,
यह कहाँ से आया है ॥?
जमीं पर ये खून के छींटे ,यत्र -तत्र छितराया ...
यह कहाँ से आया है ?
हक मांगने के तरीके ओर बहुत हैं ,
यह तरीका किसने सिखलाया .है ॥?
जैसे जीत कर आया है जंग ..
जब की इसने -उसने भाई का ही खून बहाया .है ..!!
मूल में कोई नहीं जाना चाहता है ..
इन दोनों को किसने बरगलाया है ॥?
समस्या खत्म तो क्या होगी ?
कौन जाने ,जब बन गया यही दोनों का सरमाया है ।
मरेंगे बेटे -बाप और पति किसीके ,
उठेगा जिनके सर उपर साया है ॥?
''कमलेश'' क्यों नही समझते दोनों तरफ ,
अब तक किस ने क्या पाया है ..!!?